ट्रेन और रेलवे स्टेशन पर स्मोकिंग? ₹2000 तक का जुर्माना और जेल भी!

भारतीय रेलवे, अपने करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इसी कड़ी में, ट्रेन के अंदर और रेलवे स्टेशन परिसर में स्मोकिंग (धूम्रपान) पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्मोकिंग क्यों है प्रतिबंधित?
ट्रेन में स्मोकिंग करना बेहद खतरनाक हो सकता है। बंद डिब्बों में आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे यात्रियों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इसके अलावा, पैसिव स्मोकिंग (निष्क्रिय धूम्रपान) अन्य यात्रियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 167 के तहत, ट्रेन या रेलवे परिसर में धूम्रपान करना एक दंडनीय अपराध है।
क्या हैं जुर्माने के प्रावधान?
- यदि कोई यात्री ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर स्मोकिंग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर ₹2000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना मौके पर ही वसूला जा सकता है।
- बार-बार उल्लंघन करने या यदि स्मोकिंग से आग लगने का खतरा उत्पन्न होता है, तो जुर्माना और भी बढ़ सकता है, और कुछ गंभीर मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है।
- रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) को यह अधिकार है कि वे ऐसे यात्रियों पर कार्रवाई करें।
आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता
EasyTrain आपसे अपील करता है कि आप इन नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित बनाएं। यदि आप किसी को ट्रेन या स्टेशन पर धूम्रपान करते हुए देखते हैं, तो तुरंत रेलवे अधिकारियों या RPF को सूचित करें। आप 139 पर कॉल करके या 'RailMadad' ऐप के जरिए भी शिकायत कर सकते हैं।
याद रखें, आपकी एक छोटी सी लापरवाही कई लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है। एक जिम्मेदार यात्री बनें और भारतीय रेलवे के नियमों का सम्मान करें।
भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों के लिए बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन नियमों का पालन करके हम सभी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं।
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